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महाभिषेक
mahaabhisheka
संक्षिप्त परिचय
पं. आशाधर कृत — जिनेन्द्र-अभिषेक की विधि और पाठ; पूजा-प्रतिष्ठा परम्परा का आधार-ग्रन्थ।
— सम्पादकीय परिचय; नीचे की तालिका-सामग्री मूल स्रोतों से अक्षरशः है। · Editorial summary; all list data is verbatim from the sources.
अभिलेख-विवरण
महाभिषेक — दिगम्बर जैन सम्प्रदाय के ९० प्रमुख प्राचीन ग्रन्थों की कालानुक्रमिक सूची में क्रमांक ६६ पर अंकित ग्रन्थ है। रचयिता आशाधर; रचना-काल १३वीं शती (लगभग)। इसी लेखनी से सागरधर्मामृत, अनगारधर्मामृत, श्रावकाचार, जिनयज्ञकल्प, धर्मामृत भी इस सूची में सम्मिलित हैं।
महाभिषेक (mahaabhisheka) is entry 66 in the chronological list of the 90 principal ancient granths of the Digambar Jain tradition, composed by आशाधर around the 13th century CE. From the same pen: सागरधर्मामृत, अनगारधर्मामृत, श्रावकाचार, जिनयज्ञकल्प, धर्मामृत.
प्रमाण: ९०-ग्रन्थ सूची-पोस्टर, पंक्ति ६६ — मूल छायाचित्र