श्रुतधारा
॥ श्री ॥

भुजबलिचरित

bhujabalicharita

विभिन्न · मध्यकाल · अभिलेख ८०/९०

विभिन्न

संक्षिप्त परिचय

गोम्मटेश्वर बाहुबली (भुजबली) का चरित — विन्ध्यगिरि की महामूर्ति से जुड़ी भक्ति-परम्परा में अनेक कवियों द्वारा रची गई कृतियों की धारा।

— सम्पादकीय परिचय; नीचे की तालिका-सामग्री मूल स्रोतों से अक्षरशः है। · Editorial summary; all list data is verbatim from the sources.

अभिलेख-विवरण

भुजबलिचरित — दिगम्बर जैन सम्प्रदाय के ९० प्रमुख प्राचीन ग्रन्थों की कालानुक्रमिक सूची में क्रमांक ८० पर अंकित ग्रन्थ है। रचयिता विभिन्न; रचना-काल मध्यकाल (लगभग)। इसी लेखनी से भक्ति-संग्रह, पंचसंग्रह, तत्त्वदीपिका भी इस सूची में सम्मिलित हैं। समकालीन ग्रन्थों में शांतिपुराण परिगणित हैं।

भुजबलिचरित (bhujabalicharita) is entry 80 in the chronological list of the 90 principal ancient granths of the Digambar Jain tradition, composed by विभिन्न around the medieval period. From the same pen: भक्ति-संग्रह, पंचसंग्रह, तत्त्वदीपिका. Contemporary works include शांतिपुराण.

भक्ति-संग्रहपंचसंग्रहतत्त्वदीपिका
शांतिपुराण
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प्रमाण: ९०-ग्रन्थ सूची-पोस्टर, पंक्ति ८० — मूल छायाचित्र