बाह्य ग्रन्थालयों में खोज — नई टैब में खुलेगी
गोम्मटसार पूजा-टीका
gommatasaara pujaa-tikaa
संक्षिप्त परिचय
पं. टोडरमल की परम्परा में गोम्मटसार की पूजा एवं टीका — सम्यग्ज्ञानचन्द्रिका की धारा से सम्बद्ध, सिद्धान्त-ग्रन्थों को जन-सुलभ बनाने वाला उपक्रम।
— सम्पादकीय परिचय; नीचे की तालिका-सामग्री मूल स्रोतों से अक्षरशः है। · Editorial summary; all list data is verbatim from the sources.
अभिलेख-विवरण
गोम्मटसार पूजा-टीका — दिगम्बर जैन सम्प्रदाय के ९० प्रमुख प्राचीन ग्रन्थों की कालानुक्रमिक सूची में क्रमांक ८९ पर अंकित ग्रन्थ है। रचयिता टोडरमल परम्परा; रचना-काल १८वीं शती (लगभग)। समकालीन ग्रन्थों में मोक्षमार्गप्रकाशक, रहस्यपूर्ण चिट्ठी परिगणित हैं।
गोम्मटसार पूजा-टीका (gommatasaara pujaa-tikaa) is entry 89 in the chronological list of the 90 principal ancient granths of the Digambar Jain tradition, composed by टोडरमल परम्परा around the 18th century CE. Contemporary works include मोक्षमार्गप्रकाशक, रहस्यपूर्ण चिट्ठी.
प्रमाण: ९०-ग्रन्थ सूची-पोस्टर, पंक्ति ८९ — मूल छायाचित्र