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रामचन्द्रचरितपुराण
raamachandracharitapuraana
संक्षिप्त परिचय
कवि नागचन्द्र कृत — कन्नड़ में राम-कथा का जैन निरूपण; 'पम्प-रामायण' नाम से सुविख्यात।
— सम्पादकीय परिचय; नीचे की तालिका-सामग्री मूल स्रोतों से अक्षरशः है। · Editorial summary; all list data is verbatim from the sources.
अभिलेख-विवरण
रामचन्द्रचरितपुराण — दिगम्बर जैन सम्प्रदाय के ९० प्रमुख प्राचीन ग्रन्थों की कालानुक्रमिक सूची में क्रमांक ७५ पर अंकित ग्रन्थ है। रचयिता नागचन्द्र; रचना-काल १२वीं शती (लगभग)। आचार्य-समयानुक्रमणिका (क्रमांक २१) के अनुसार इनका समय ११०० है। वहाँ इनकी विशेषता/प्रधान कृति के रूप में "मल्लिनाथ पुराण" उल्लिखित है। इसी लेखनी से मल्लिनाथपुराण भी इस सूची में सम्मिलित है। समकालीन ग्रन्थों में अजितपुराण, नेमिनाथपुराण परिगणित हैं।
रामचन्द्रचरितपुराण (raamachandracharitapuraana) is entry 75 in the chronological list of the 90 principal ancient granths of the Digambar Jain tradition, composed by नागचन्द्र around the 12th century CE. The acharya chronology (entry 21) places the author in 1100, and credits him with "मल्लिनाथ पुराण". From the same pen: मल्लिनाथपुराण. Contemporary works include अजितपुराण, नेमिनाथपुराण.
प्रमाण: ९०-ग्रन्थ सूची-पोस्टर, पंक्ति ७५ — मूल छायाचित्र