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अजितपुराण
ajitapuraana
संक्षिप्त परिचय
द्वितीय तीर्थंकर अजितनाथ का पुराण-चरित — अजित-कथा की काव्य-परम्परा का ग्रन्थ।
— सम्पादकीय परिचय; नीचे की तालिका-सामग्री मूल स्रोतों से अक्षरशः है। · Editorial summary; all list data is verbatim from the sources.
अभिलेख-विवरण
अजितपुराण — दिगम्बर जैन सम्प्रदाय के ९० प्रमुख प्राचीन ग्रन्थों की कालानुक्रमिक सूची में क्रमांक ७६ पर अंकित ग्रन्थ है। रचयिता अरुणमणि; रचना-काल १२वीं शती (लगभग)। आचार्य-समयानुक्रमणिका (क्रमांक १२०) के अनुसार इनका समय १६५९ है। वहाँ इनकी विशेषता/प्रधान कृति के रूप में "अजित पुराण" उल्लिखित है। समकालीन ग्रन्थों में मल्लिनाथपुराण, रामचन्द्रचरितपुराण, नेमिनाथपुराण परिगणित हैं।
अजितपुराण (ajitapuraana) is entry 76 in the chronological list of the 90 principal ancient granths of the Digambar Jain tradition, composed by अरुणमणि around the 12th century CE. The acharya chronology (entry 120) places the author in 1659, and credits him with "अजित पुराण". Contemporary works include मल्लिनाथपुराण, रामचन्द्रचरितपुराण, नेमिनाथपुराण.
प्रमाण: ९०-ग्रन्थ सूची-पोस्टर, पंक्ति ७६ — मूल छायाचित्र